कक्षा ५ हिंदी · दूसरी इकाई

१. गाँव और शहर

चित्रवाचन : गाँव और शहर के जीवन का वर्णन, उनकी तुलना, स्वच्छता व अनुशासन से संबंधित घोषवाक्य (Slogans) और संपूर्ण स्वाध्याय। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : यह पाठ ‘चित्रवाचन’ पर आधारित है। इसमें गाँव और शहर के चित्रों के माध्यम से वहाँ के जनजीवन, विकास, यातायात के साधनों, स्वच्छता और अनुशासन को दर्शाया गया है। पाठ का उद्देश्य विद्यार्थियों को गाँव और शहर की विशेषताओं से परिचित कराना है।

चित्रवाचन और वर्णन (देखो और बताओ)

१पृष्ठ २६ पर दिए गए 'गाँव' के चित्र का निरीक्षण करके उसकी विशेषताएँ पाँच-छह वाक्यों में लिखिए।
  • चित्र में एक साफ़-सुथरा, शांत और प्रगतिशील गाँव दिखाया गया है।
  • गाँव में ईंटों से बने मकान हैं जिनकी छतें खपरैल या ढलवाँ हैं।
  • बच्चों की शिक्षा के लिए गाँव में 'समता विद्यालय' है, जहाँ बच्चे हँसते-खेलते पढ़ने जा रहे हैं।
  • गाँव में अब बिजली आ गई है। कुएँ से महिलाएँ पीने का पानी भर रही हैं।
  • एक किसान अपने खेत में काम करने के लिए ट्रैक्टर लेकर जा रहा है।
  • सार्वजनिक स्वच्छता के लिए गाँव में 'शौचालय' और 'कूड़ादान' (कचरा पेटी) की अच्छी व्यवस्था की गई है।
  • चित्र में पशु-पक्षी (जैसे- कुत्ता, बकरियाँ, गाय-बैल और मुर्गियाँ) भी दिखाए गए हैं जो ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।
२पृष्ठ २७ पर दिए गए 'शहर' के चित्र का निरीक्षण करके उसकी विशेषताएँ पाँच-छह वाक्यों में लिखिए।
  • चित्र में एक सुंदर, विकसित और अनुशासित शहर का दृश्य दिखाया गया है।
  • शहर में पक्की और चौड़ी सड़कें हैं जिन पर बस (डबल-डेकर), कार, ऑटो-रिक्शा और मोटरसाइकिल जैसे बहुत सारे वाहन चल रहे हैं।
  • सड़क पार करने के लिए 'ज़ेबरा क्रॉसिंग' (Zebra crossing) बनी हुई है और लोग यातायात के नियमों का पालन कर रहे हैं।
  • शहर में बहुमंजिला इमारतें (मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स) हैं।
  • रात के उजाले के लिए सड़कों के किनारे स्ट्रीट लाइट (बिजली के खंभे) लगे हैं।
  • चौराहे पर एक सुंदर फव्वारा (Fountain) लगा है जो शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है।
  • प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों के किनारे पेड़-पौधे लगाए गए हैं।

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घोषवाक्य (Slogans)

३चित्रों में स्वच्छता और विकास से संबंधित कौन-कौन से घोषवाक्य (Slogans) लिखे गए हैं?

गाँव के चित्र में लिखे घोषवाक्य :

  • स्वच्छ ग्राम, स्वस्थ ग्राम।
  • गाँव-शहर की प्रगति, देश की उन्नति।

शहर के चित्र में लिखे घोषवाक्य :

  • शुद्ध हवा-पानी का तंत्र, स्वस्थ जीवन का मंत्र।
  • स्वच्छ नगर, सुंदर नगर।
  • अनुशासन के साथ, देश का विकास।

समूह चर्चा (Group Discussion)

४गाँव और शहर के जीवन में क्या अंतर है? दोनों की तुलना कीजिए।
मुद्दे (Points) गाँव (Village) शहर (City)
मकान / घर गाँव के मकान छोटे होते हैं और प्रायः उनकी छतें ढलवाँ या खपरैल की होती हैं। मकानों के आगे बड़ा आँगन होता है। शहरों में बड़ी-बड़ी और बहुमंजिला (Multistory) इमारतें होती हैं, जिनमें बहुत से लोग फ्लैट्स में रहते हैं।
व्यवसाय (काम) गाँव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती (कृषि) और पशुपालन होता है। शहर के लोग कारखानों, दफ्तरों (ऑफिस), बैंकों और व्यापार में काम करते हैं।
यातायात के साधन यहाँ बैलगाड़ी, साइकिल, मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर जैसे साधन अधिक होते हैं। यहाँ भीड़भाड़ कम होती है। शहर में कार, बस, ट्रेन, ऑटो-रिक्शा और हवाई जहाज़ जैसे अनेक साधन होते हैं। यहाँ सड़कों पर भारी ट्रैफिक रहता है।
वातावरण / पर्यावरण गाँव में शुद्ध हवा और हरियाली होती है। यहाँ प्रदूषण बहुत कम होता है। कारखानों और बहुत सारे वाहनों के धुएँ के कारण शहरों में प्रदूषण अधिक होता है।
जीवन शैली गाँव का जीवन सादा, शांत और एक-दूसरे से जुड़ा हुआ होता है। शहर का जीवन बहुत व्यस्त और भागदौड़ भरा होता है।

निष्कर्ष : गाँव और शहर दोनों का अपना-अपना महत्त्व है। जहाँ गाँव हमें अनाज और शुद्ध पर्यावरण देते हैं, वहीं शहर हमें नई तकनीक, रोजगार और आधुनिक सुविधाएँ देते हैं। जब दोनों का विकास होगा, तभी हमारे देश की सच्ची उन्नति होगी।