कक्षा ५ हिंदी · दूसरी इकाई

२. जीवन

डॉ. कुलभूषणलाल मखीजा — कविता का सरल भावार्थ, दिनचर्या (Daily Routine) और माँ के कार्यों पर आधारित संपूर्ण स्वाध्याय। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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कविता का परिचय : प्रस्तुत कविता 'जीवन' डॉ. कुलभूषणलाल मखीजा द्वारा रचित है। इस कविता में जीवन को निरंतर चलते रहने और कभी न रुकने का नाम बताया गया है। हमें प्रकृति (जैसे— सागर, आसमान, धरती, सूरज) से अच्छी बातें और गुण सीखने की प्रेरणा दी गई है।

जीवन है चलने का नाम ।
करना कभी नहीं विश्राम ।।

कविता का सरल भावार्थ

  • जीवन है चलने का... : जीवन हमेशा आगे बढ़ने का नाम है। हमें कभी भी आलस्य करके रुकना या विश्राम नहीं करना चाहिए।
  • लहराना सागर से सीखो... : हमें सागर से हमेशा खुशी और उत्साह से लहराना सीखना चाहिए। हमारा हृदय आसमान की तरह विशाल (बड़ा) होना चाहिए। हमें धरती की तरह सहनशील बनना चाहिए और सबके साथ मिलजुलकर काम करना चाहिए।
  • जो चलता वह आगे बढ़ता... : जो व्यक्ति निरंतर मेहनत करता है और आगे बढ़ता रहता है, उसे ही समाज में ऊँचा पद और नाम (सम्मान) प्राप्त होता है।
  • माँ जैसी हो मीठी बोली... : हमारी बोली माँ की तरह मीठी और प्रेमपूर्ण होनी चाहिए। हमारे मन में हमेशा सच्चे और ऊँचे विचार होने चाहिए। हमें सभी को अपने समान समझना चाहिए और दूसरों की सेवा करने का अच्छा विचार मन में रखना चाहिए।
  • घड़ी सदा टिक-टिक करती... : घड़ी हमेशा टिक-टिक करती हुई चलती रहती है, वह कभी रुकने का नाम नहीं लेती। हमें भी घड़ी की तरह हमेशा समय के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए और सूरज की तरह रोज़ ऊपर उठना (प्रगति करना) चाहिए। हमें दुनिया के कण-कण (हर व्यक्ति और वस्तु) में अपनापन देखना चाहिए और सबको सच्चे दिल से प्रणाम करना चाहिए।

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स्वाध्याय (प्रश्न-उत्तर)

१अपनी दिनचर्या बनाओ और सुनाओ ।

मेरी दिनचर्या (My Daily Routine) :

मैं सुबह ६:०० बजे उठता हूँ।
दातुन-ब्रश और स्नान करने के बाद ७:०० बजे नाश्ता करता हूँ।
सुबह ७:३० बजे विद्यालय जाता हूँ।
दोपहर १:३० बजे विद्यालय से लौटकर भोजन करता हूँ और थोड़ी देर आराम करता हूँ।
शाम ४:०० बजे से ५:३० बजे तक अपना स्कूल का गृहकार्य (Homework) पूरा करता हूँ।
शाम ५:३० बजे से ७:०० बजे तक मैदान में दोस्तों के साथ खेलने जाता हूँ।
रात ८:०० बजे परिवार के साथ रात का भोजन करता हूँ।
रात ९:०० बजे थोड़ी देर कहानी की किताब पढ़ता हूँ और ९:३० बजे सो जाता हूँ।

जानकारी : सभी विद्यार्थियों की दिनचर्या अलग-अलग हो सकती है। आप अपने उठने और खेलने के समय के अनुसार इसे बदल सकते हैं।

२तुम्हारी माँ तुम्हारे लिए क्या-क्या करती हैं, बताओ ।

मेरी माँ मेरे लिए बहुत सारे काम करती हैं, जैसे :

  1. सुबह मुझे प्यार से जगाती हैं और तैयार करके विद्यालय भेजती हैं।
  2. मेरे लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन (टिफिन) बनाती हैं।
  3. मेरे कपड़े धोती हैं और उन्हें इस्त्री (Iron) करती हैं।
  4. शाम को मेरी पढ़ाई में मदद करती हैं और मेरा गृहकार्य पूरा करवाती हैं।
  5. जब मैं बीमार होता हूँ, तो रात-भर जागकर मेरी देखभाल करती हैं।
  6. मुझे अच्छी-अच्छी बातें, संस्कार और हमेशा सच बोलना सिखाती हैं।