७. स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है
लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक के भाषण पर आधारित सभी अभ्यासों के संपूर्ण उत्तर — विधान शुद्धि, टिप्पणियाँ, नारा, जन्मसिद्ध अधिकार की विशेषताएँ, भाषा बिंदु और उपयोजित लेखन.
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सूचना के अनुसार कृतियाँ करो
| गलत विधान | सही विधान |
|---|---|
| टिळक जी ने कहा है कि वे यद्यपि शरीर से जवान हैं किंतु उत्साह में बूढ़े हैं। | टिळक जी ने कहा है कि वे यद्यपि शरीर से बूढ़े हैं, किंतु उत्साह में जवान हैं। |
| प्रांतीय सम्मेलन अंग्रेजों की देन है। | प्रांतीय सम्मेलन कांग्रेस की देन है। |
बाळ गंगाधर टिळक शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रसिद्ध वकील थे। वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने स्वशासन और स्वराज्य के अधिकार के लिए लोगों में जागृति उत्पन्न की। जनसमाज ने उन्हें ‘लोकमान्य’ की उपाधि दी। उन्होंने ‘केसरी’ समाचार पत्र का संपादन तथा प्रकाशन किया। ‘गीता रहस्य’ उनकी प्रसिद्ध कृति है।
होमरूल एक ऐतिहासिक राजनीतिक आंदोलन था, जिसका उद्देश्य भारत के लिए स्वशासन की माँग करना था। सन १९१६ में टिळक जी ने होमरूल लीग की स्थापना की थी। टिळक जी की होमरूल गतिविधियों के पीछे स्वशासन और स्वतंत्रता की भावना थी। पाठ में इस भावना को अमर और अविनाशी बताया गया है।
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भाषा बिंदु
| प्रकार | क्रिया | स्वतंत्र वाक्य |
|---|---|---|
| सहायक क्रिया | है | भारत हमारा देश है। |
| था | कल विद्यालय में कार्यक्रम था। | |
| रहा है | किसान खेत में काम कर रहा है। | |
| चुका है | विद्यार्थी अपना गृहकार्य पूरा कर चुका है। | |
| गया था | मोहन बाजार गया था। | |
| प्रेरणार्थक क्रिया | पढ़ाना | शिक्षक बच्चों को हिंदी पढ़ाते हैं। |
| लिखवाना | शिक्षक ने विद्यार्थियों से पत्र लिखवाया। | |
| खिलाना | माँ ने बच्चे को खाना खिलाया। | |
| सुलाना | माँ ने छोटे बच्चे को सुलाया। | |
| नचवाना | प्रशिक्षक ने कलाकारों को मंच पर नचवाया। |
उपयोजित लेखन
स्वच्छता अभियान का वृत्तांत
स्थल : ज्ञानदीप विद्यालय परिसर, पुणे
काल : २ अक्टूबर २०२६, सुबह ८ बजे से ११ बजे तक
घटना : हमारे विद्यालय में गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आरंभ प्राचार्य के मार्गदर्शन से हुआ। विद्यार्थियों ने विद्यालय के परिसर, मैदान और आसपास के मार्ग की सफाई की। कचरे को अलग-अलग एकत्र करके उचित स्थान पर पहुँचाया गया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता के महत्त्व से संबंधित संदेश भी दिए। विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने और प्लास्टिक का अनावश्यक उपयोग न करने का संकल्प लिया गया। अभियान के अंत में प्राचार्य ने सभी विद्यार्थियों की सराहना की और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। इस अभियान से विद्यार्थियों में स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई।
मौलिक सृजन
केसरी समाचार पत्र
‘केसरी’ एक प्रसिद्ध मराठी समाचार पत्र है, जिसका संबंध लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक से था। टिळक जी ने इसके माध्यम से जनजागृति और राष्ट्रीय विचारों को लोगों तक पहुँचाया। स्वराज्य, स्वतंत्रता और सामाजिक तथा राजनीतिक विषयों पर विचार प्रस्तुत करने में ‘केसरी’ का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा। इस समाचार पत्र ने भारतीयों में राष्ट्रीय भावना और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का कार्य किया।