कक्षा ७ हिंदी · पहली इकाई

१. वाचन मेला

चित्रवाचन और संपूर्ण स्वाध्याय — महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : यह एक चित्रवाचन (Picture Reading) का पाठ है। इसमें एक पुस्तक मेले का दृश्य दिखाया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार की पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं और बच्चे उत्साहपूर्वक मेले का आनंद ले रहे हैं।

चित्र देखकर प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

१चित्र में क्या दिखाई दे रहा है?

चित्र में एक बड़े और खुले परिसर में लगा हुआ 'वाचन मेला' (पुस्तक मेला) दिखाई दे रहा है। मेले में बहुत से लड़के, लड़कियाँ और बड़े लोग किताबें देखते और खरीदते हुए नजर आ रहे हैं।

२मेले में कौन-कौन से विभाग (स्टॉल) लगे हैं?

मेले में पुस्तकों के विभिन्न विभाग लगे हैं, जैसे — बाल साहित्य, विज्ञान कथा, ई-बुक्स, ऑडियो बुक्स और किशोर साहित्य।

३'ग्रंथदिंडी' में बच्चे क्या कर रहे हैं?

'ग्रंथदिंडी' में कुछ स्कूली बच्चे एक सजी हुई पालकी में पुस्तकें रखकर सम्मानपूर्वक जुलूस निकाल रहे हैं। एक लड़की के हाथ में 'ग्रंथदिंडी' नाम की तख्ती है और अन्य बच्चों के हाथों में पुस्तकों के महत्त्व को बताने वाली घोषवाक्यों की तख्तियाँ हैं।

४चित्र में कौन-कौन से घोषवाक्य (slogans) लिखे गए हैं?

चित्र में बच्चों के हाथों में दी गई तख्तियों पर निम्नलिखित घोषवाक्य लिखे हैं:

  • १. पुस्तकों से पाएँ ज्ञान, जानें भाषाएँ, विज्ञान।
  • २. पुस्तकें हैं हम सबकी साथी। प्रज्वलित करें ज्ञान की बाती।।
५'बाल साहित्य' विभाग में क्या-क्या हो सकता है?

'बाल साहित्य' विभाग में विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और मनोरंजक सामग्री होगी; जैसे— परीकथाएँ, चित्रकथाएँ, बालगीत और रंगीन चित्रों वाली रोचक पुस्तकें।

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६डिजिटल माध्यम वाली पुस्तकें कौन-सी हैं?

चित्र में 'ई-बुक्स' और 'ऑडियो बुक्स' के स्टॉल दिखाई दे रहे हैं। ये डिजिटल माध्यम वाली पुस्तकें हैं जिन्हें कंप्यूटर, टैबलेट या मोबाइल पर पढ़ा और सुना जा सकता है।

७पुस्तक संबंधी अन्य घोषवाक्य (Slogans) बनाइए।

विद्यार्थी स्वयं भी घोषवाक्य बना सकते हैं। कुछ अन्य घोषवाक्य इस प्रकार हैं:

  • १. पुस्तकें हैं ज्ञान का भंडार, इनसे महकेगा संसार।
  • २. किताबें हमारी सच्ची मीत, इनमें छिपी है जीवन की रीत।
  • ३. दीप से दीप जलाते चलो, ज्ञान की गंगा बहाते चलो।
  • ४. पढ़ो किताब, बनो नवाब।
  • ५. पुस्तकों से करो प्यार, जीवन का होगा उद्धार।

कक्षा में करने योग्य कृति (अध्यापन संकेत)