५. रोबोट
वर्णों का अनुरेखन और 'जुड़ें हम' (संयुक्ताक्षर) का परिचय। रोबोट तकनीक और व्याकरण पर आधारित संपूर्ण स्वाध्याय। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।
शेअर करेंAdvertisement
पाठ का परिचय : यह एक कृति-आधारित (Activity-based) पाठ है। इसमें रोबोट के चित्र के माध्यम से वर्णों के अवयवों (अक्षरों की बनावट) का अनुरेखन (Tracing) सिखाया गया है। साथ ही, 'जुड़ें हम' के अंतर्गत हिंदी व्याकरण के महत्त्वपूर्ण अंग 'संयुक्ताक्षर' (Joint letters) और 'र' के विभिन्न प्रयोगों का परिचय दिया गया है ।
कृति १: रोबोट — चित्र का निरीक्षण और अनुरेखन
रोबोट के चित्र में बिंदुओं (dots) के रूप में हिंदी वर्णमाला के कुछ वर्ण (जैसे- औ, ख, ऋ) और उनके अवयव दिए गए हैं। विद्यार्थियों को पेंसिल से इन बिंदुओं को जोड़कर (अनुरेखन / Tracing) वर्णों को पूरा करना है। इसी प्रकार अन्य सभी वर्णों का अभ्यास अपनी कॉपी में करना है ।
शिक्षक निर्देश : विद्यार्थी अपनी पाठ्यपुस्तक में पेंसिल से बिंदुओं को मिलाकर रोबोट में लिखे अक्षरों को पूरा करें ।
Advertisement
कृति २: 'जुड़ें हम' — संयुक्ताक्षर (Joint Letters) का परिचय
जब दो या दो से अधिक व्यंजनों को मिलाकर एक नया अक्षर बनाया जाता है, तो उसे 'संयुक्ताक्षर' कहते हैं। पाठ के अनुसार वर्णों को संयुक्त बनाने के लिए उन्हें रूप के आधार पर तीन भागों में बाँटा गया है :
- १. पाई (खड़ी रेखा) हटाकर : जिन व्यंजनों के अंत में खड़ी रेखा (पाई) होती है, उनका आधा रूप बनाने के लिए पाई हटा दी जाती है।
उदाहरण: ग् + य = ग्य → ग्यारह, प् + य = प्य → प्यार। - २. बिना पाई वाले (गोल) व्यंजन : ट, ठ, ड, ढ, द, ह जैसे गोल व्यंजनों को आधा करने के लिए उनके नीचे हलंत (्) लगाया जाता है।
उदाहरण: ट् + ट = ट्ट → खट्टा, द् + व = द्व → द्वार। - ३. 'र' के तीन प्रकार : 'र' को अन्य व्यंजनों के साथ जोड़ने के तीन मुख्य प्रकार हैं :
- रेफ (र्): जब 'र' स्वर रहित (आधा) होता है, तो वह अगले व्यंजन के ऊपर लगता है (जैसे: कर्म, धर्म)।
- पदेन (्र): जब पाई वाले व्यंजन आधे हों और 'र' पूरा हो (जैसे: क्र, प्र → प्रकाश, क्रम)।
- उल्टा 'वी' (्+र): गोल व्यंजनों (ट, ड) के साथ 'र' जुड़ने पर यह नीचे लगता है (जैसे: ट्र, ड्र → ट्रक, ड्रम)।
| नियम | संयुक्ताक्षर | उदाहरण वाले शब्द |
|---|---|---|
| पाई हटाकर | च् + च = च्च स् + त = स्त |
कच्चा, बच्चा मस्त, सुस्त |
| हलंत लगाकर (बिना पाई) | द् + द = द्द ह् + म = ह्म |
गद्दा, उद्देश्य ब्रह्मा, ब्राह्मण |
| 'र' के रूप (रेफ / पदेन) | र् + म = र्म ग् + र = ग्र |
शर्म, निर्मल ग्राम, ग्रह |